कभी सुबह मैं लिखती हूँ कभी मैं शाम लिखती हूँ
मेरे दिल पे हर इक पल तेरा ही नाम लिखती हूँ
मेरी हर एक धड़कन तेरा ही नाम लेती है
तुझे कान्हा कभी कृष्णा कभी घनश्याम लिखती हूँ
- मुकेश प्रेम
मेरे दिल पे हर इक पल तेरा ही नाम लिखती हूँ
मेरी हर एक धड़कन तेरा ही नाम लेती है
तुझे कान्हा कभी कृष्णा कभी घनश्याम लिखती हूँ
- मुकेश प्रेम
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें